बजट: महिलाओं के लिए हो स्‍पेशल प्रावधान, क्रेच पर मिले टैक्‍स छूट

देश के वर्कफोर्स में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए आने वाले बजट में महिलाओं के लिए स्‍पेशल प्रावधान होने चाहिए। इंडस्‍ट्री बॉडी एसोचैम ने वित्‍त मंत्री अरुण जेटली से बजट में क्रेच जैसी फैसेलिटी के लिए टैक्‍स छूट और बच्‍चों के एजुकेशन अलाउंस को 10 गुना करने का सुझाव दिया है। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली 29 जनवरी को बजट पेश करेंगे।

एसोचैम के प्रेसिडेंट सुनील कनोरिया ने बजट पूर्व सुझाव में वित्‍त मंत्री जेटली से कहा है कि कंज्‍यूमर डिमांड को बढ़ाने बनाने पर जोर दिया जाना चाहिए। जिससे कि इन्‍वेस्‍टमेंट और रोजगार में वृद्धि हो सके। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रस्ताव किए जाने की जरूरत है। www.taxxcel.com

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एसोचैम ने दिए ये सुझाव-

– कमर्शियल क्रेच के लिए भी टैक्‍स छूट की व्यवस्था होनी चाहिए।

– हर बच्चे के लिए 2,500 रुपए प्रति माह (अधिकतम दो बच्‍चे तक) एजुकेशन अलाउंस मिले। – एजुकेशन अलाउंस छूट की सीमा मौजूदा 100 रुपए से बढ़ाकर 1,000 रुपए प्रति माह की जानी चाहिए।

– हास्‍टल खर्च अलाउंस पर छूट बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह (अधिकतम दो बच्‍चों तक) की जानी चाहिए। अभी यह छूट 300 रुपए तक है।

– मेडिकल खर्च रिइम्‍बर्समेंट की सीमा मौजूदा 15 हजार से बढ़ाकर कम से कम 50 हजार रुपए प्रति माह किया जाना चाहिए।

– रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किए जाने की जरूरत है।

क्‍या कहा इंडस्‍ट्री बॉडी ने

एसोचैम ने आरबीआई की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि सेंट्रल बैंक ने एजुकेशन और हेल्‍थ पर बढ़ते खर्च के कारण परिवारों की खराब होती स्थिति को कई बार उठाया है। खासकर नौकरीपेशा परिवारों की स्थिति इस मामले में अधिक खराब है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्‍चों का एजुकेशन अलाउंस निश्चित तौर पर बढ़ाना चाहिए।

हेल्‍थ इंश्‍योरेंस के माध्यम से इसपर होने वाले खर्च को भी बेहतर बनाना चाहिए। इंडस्‍ट्री बॉडी का कहना है कि एजुकेशन अलाउंस फाइनेंशियल ईयर 1988-89 के आधार पर ही दिए जा रहे हैं, जो मौजूदा स्कूल फीस के मुकाबले बेहद कम है। हॉस्‍टल खर्च अलाउंस भी 1988-89 में ही तय किया गया था।

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